अगर आप प्रोन देखनें के शौक़ीन है और ज़्यदातर इंटरनेट में अश्लील कन्टेनेट की तलाश में रहते है, तो आपकी ये तलाश जल्द ही यूपी पुलिस पूरी करनें वाली है और इसके लिए बकायादा उत्तर प्रदेश पुलिस ने ज़बरदस्त प्लानिंग की है प्लानिंग कितनी 'पक्की' है.
इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की अगर यूपी में बैठा कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन एडल्ट कंटेंट सर्च कर रहा है तो न केवल 1090 नंबर उस व्यक्ति के बारे में अलर्ट देगा . बल्कि यदि उसके इलाके,मोहल्ले में किसी महिला या बच्ची के साथ कुछ उल्टा सीधा हुआ तो शक के घेरे में वो व्यक्ति भी आएगा जो इंटरनेट में एड्लट कोन्टेनेट देख रहा है या फिर देखता है और पुलिस उसे भी उठाएगी.
पहली नजर में ये तमाम बातें हवा हवाई लगती हैं लेकिन ये उतना ही कोरा सच है जितना की आपका पोर्न सर्च करना हैं. यदि व्यक्ति इंटरनेट के माध्यम से कोई पोर्न साइट, अश्लील वीडियो या बार-बार कुछ ऐसा सर्च करने की कोशिश कर रहा है जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से अपराध को बढ़ावा देता है तो ऐसे में 1090 सावधान हो जाने के लिए आपको अलर्ट जारी करेगा और आपका पूरा बायोडाटा पुलिस के पास भेज देगा। जो आपको मुश्किल में डाल सकता है.
साल 2017 में पोर्नहब ने एक स्टडी की जिसमें ये पाया गया था कि पोर्न देखने के मामले में दुनिया मे भारत चौथे नंबर पर हैं पोर्न देखने के मामले में भारतीय महिलाएं पहले नंबर पर हैं. जारी किए गए आकड़ों में ये कहा गया कि पोर्न देखने के मामले में भारत विश्व में चौथे पायदान पर खड़ा है, जिसमें महिलाओं की 30 फीसदी भागीदारी है. खासकर भारत में पोर्न देखने वाले कुल उपभोक्ताओं में महिलाओं की भागीदारी 30 फीसदी है, जो कि दुनिया में सबसे ज्यादा है.
यूपी पुलिस ने जो पहल की है वो वाकई कबीले तारीफ़ है लेकिन जिस तरह पोर्न देखने वालों को पुलिस संभावित अपराधी मान रही है. ये बात कहाँ तक जायज है
फिलहाल इसकी 6 जिलों में पयलट प्रोजेक्ट के रूप में इसकी शुरुवात हो चुकी है . और जल्द ही इसे पूरे यूपी में भी लागू किया जा सकता है मौजूदा समय में यूपी में करीब 11.6 करोड़ इंटरनेट यूजर हैं यूपी पुलिस को ऐसा लगता है की महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में कहीं न कही इन्ही अश्लील कंटेंट की भूमिका अहम् होती है।
पुलिस के मुताबिक यदि कोई पोर्न या एडल्ट साइट देखता है तो उसके मोबाइल पर नोटिफिकेशन आएगा और उसे सावधान करेगा, ये बात भी अपने में तमाम तरह के विरोधाभास लिए हुए है. जिस तरह सिगरेट या शराब पीने वालों पर एक्शन लेने से बेहतर है कि कंपनियों पर एक्शन लिया जाए उसी तरह यदि पुलिस पहले ही इस तरह के कंटेंट को बैन कर दे तो आधी समस्या का समाधान खुद ब खुद हो जाएगा.
गौरतलब है कि यूपी में तमाम शहर हैं जहां धड़ल्ले से पोर्न देखी जा रही है. यूपी का उन्नाव तोे पोर्न देखने वाले टॉप 10 शहरों में शुमार हो चुका है. तो सवाल ये भी उठता है कि किसी अपराध की रोकथाम के लिए उन शहरों में रहने वाले कितने लोगों को शंका के दायरे में लिया जा सकेगा?
बहरहाल हम फिर इस बात को कह रहे हैं कि यूपी पुलिस की तरफ से 1090 ने प्लानिंग तो अच्छी की है मगर तमाम कमियां हैं जो जाहिर तौर पर दिखाई पड़ रही हैं. यदि यूपी पुलिस उन कमियों को दूर कर ले तो इस बात में कोई शक नहीं है कि ये एक अच्छा प्रयास है. महिलाओं के प्रति अपराध कम न भी हुआ तो कम से कम एक डर तो होगा जो बना रहेगा.

